शाहजहाँ मुगल साम्राज्य के एक महान और प्रसिद्ध शासक थे, जिनका शासनकाल 1628 ईस्वी से 1658 ईस्वी तक रहा। उनका पूरा नाम खुर्रम था और वे जहाँगीर के पुत्र थे। शाहजहाँ का शासनकाल मुगल काल का स्वर्णिम युग माना जाता है, विशेषकर स्थापत्य कला (Architecture) के क्षेत्र में।
शाहजहाँ को सबसे अधिक उनकी भव्य इमारतों के निर्माण के लिए जाना जाता है। उन्होंने अपनी प्रिय पत्नी मुमताज महल की याद में ताजमहल का निर्माण कराया, जो आज विश्व के सात अजूबों में शामिल है और प्रेम का प्रतीक माना जाता है। इसके अलावा उन्होंने दिल्ली में लाल किला (Red Fort) और जामा मस्जिद जैसी भव्य इमारतें भी बनवाईं।
उनके शासनकाल में कला, संस्कृति, संगीत और साहित्य का भी विकास हुआ। प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत थी और साम्राज्य समृद्ध था। व्यापार और अर्थव्यवस्था भी अच्छी स्थिति में थे, जिससे जनता का जीवन अपेक्षाकृत सुखी था।
हालांकि उनके जीवन के अंतिम समय में उनके पुत्र औरंगज़ेब ने सत्ता के लिए उन्हें बंदी बना लिया। कहा जाता है कि शाहजहाँ ने अपने जीवन के अंतिम वर्ष आगरा के किले में बिताए, जहाँ से वे ताजमहल को देखा करते थे।