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महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर संसद में बहस, पीएम मोदी ने दी गारंटी

नई दिल्ली: संसद में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयकों पर जोरदार बहस देखने को मिली। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने स्पष्ट कहा कि परिसीमन के दौरान किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा। उन्होंने इसे “मोदी की गारंटी” बताते हुए विपक्ष को भी इसका श्रेय लेने की खुली छूट दी।

पीएम मोदी की स्पीच की बड़ी बातें

1. “क्रेडिट का ब्लैंक चेक दे रहा हूं”

पीएम मोदी ने कहा कि इस मुद्दे में कोई राजनीतिक लाभ नहीं है। उन्होंने कहा—“अगर कोई इसका विरोध करेगा तो स्वाभाविक रूप से राजनीतिक लाभ मुझे होगा, लेकिन अगर सब साथ आएंगे तो किसी को नुकसान नहीं होगा। मैं क्रेडिट का ब्लैंक चेक देने को तैयार हूं।”

2. “गारंटी चाहिए तो वह भी दूंगा”

प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार की नीयत साफ है। उन्होंने कहा—“अगर किसी को गारंटी शब्द चाहिए, तो मैं वह भी देने को तैयार हूं। जब नीयत साफ होती है तो शब्दों का खेल जरूरी नहीं होता।”

3. काले कपड़ों में आए सांसदों पर टिप्पणी

परिसीमन बिल के विरोध में काले कपड़े पहनकर आए सांसदों पर पीएम ने कहा—“हमारी परंपरा है कि अच्छे काम में नजर न लगे, इसलिए काला टीका लगाया जाता है। मैं उनका धन्यवाद करता हूं।”

4. “महिलाओं को उनका हक दे रहे हैं”

पीएम मोदी ने महिला आरक्षण को ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा—“हम देश की नारी शक्ति को उनका अधिकार दे रहे हैं। यह किसी पर एहसान नहीं बल्कि उनका हक है।”

विपक्ष का जवाब

कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi ने प्रधानमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा—“वे कह रहे हैं कि उन्हें इसका श्रेय नहीं चाहिए, लेकिन महिलाएं सब समझती हैं। जो बार-बार बहकाते हैं, उन्हें महिलाएं पहचान लेती हैं।”

अमित शाह का बयान

गृहमंत्री Amit Shah ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि एक गलत नैरेटिव फैलाया जा रहा है कि इन विधेयकों से दक्षिण भारत के राज्यों की सीटें कम हो जाएंगी।

उन्होंने कहा—

  • वर्तमान में लोकसभा की कुल 543 सीटों में दक्षिण राज्यों की 129 सीटें हैं
  • परिसीमन के बाद ये बढ़कर 195 हो सकती हैं
  • तमिलनाडु की सीटें 39 से बढ़कर 59 होने का अनुमान है

संसद में चर्चा और वोटिंग

  • इन विधेयकों पर चर्चा के लिए 16 और 17 अप्रैल को 15 घंटे का समय तय किया गया
  • 17 अप्रैल शाम 4 बजे वोटिंग प्रस्तावित है

तीन बड़े विधेयक क्या हैं?

1. संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026

  • लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव
  • राज्यों से 815 और केंद्र शासित प्रदेशों से 35 सीटें

2. परिसीमन (संशोधन) विधेयक, 2026

  • परिसीमन के लिए “जनसंख्या” की परिभाषा में बदलाव
  • 2011 की जनगणना को आधार बनाने की तैयारी

3. केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026

  • दिल्ली, पुडुचेरी और जम्मू-कश्मीर के कानूनों में संशोधन
  • ताकि परिसीमन और महिला आरक्षण लागू हो सके