खरीफ सीजन के लिए सरकार की नई तैयारी
खरीफ सीजन में किसानों को उर्वरकों की कमी न हो, इसके लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मई 2026 के लिए कुल 34 लाख टन उर्वरक उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पहले अमेरिका-ईरान तनाव के कारण एलएनजी सप्लाई प्रभावित हुई थी, जिससे कई यूरिया प्लांट बंद हो गए थे। अब स्थिति सामान्य होने से उत्पादन में तेजी आने की उम्मीद है।
यूरिया उत्पादन में तेजी
सरकारी योजना के अनुसार कुल लक्ष्य में 22 लाख टन यूरिया, 4 लाख टन डीएपी और 8 लाख टन एनपीके शामिल हैं। मार्च में जहां यूरिया उत्पादन 16.5 लाख टन तक गिर गया था, वहीं अप्रैल में यह बढ़कर 20.9 लाख टन पहुंच गया। मई में इसे 22 लाख टन तक ले जाने का लक्ष्य है।
विदेश से भी होगी सप्लाई मजबूत
घरेलू उत्पादन के साथ-साथ आयात पर भी जोर दिया जा रहा है। सरकार ने 25 लाख टन यूरिया और 19 लाख टन एनपीके के आयात के लिए टेंडर जारी किए हैं। इनकी आपूर्ति मई-जून तक होने की संभावना है।
राज्यों में पहले से पर्याप्त भंडार
सरकार के अनुसार खरीफ सीजन में कुल 390.5 लाख टन उर्वरकों की जरूरत होगी, जिसमें से करीब 50% पहले से राज्यों के पास उपलब्ध है। अभी देश में उर्वरकों की कुल उपलब्धता मांग से अधिक बताई जा रही है।
किसानों को राहत, कीमतें स्थिर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ने के बावजूद किसानों पर बोझ नहीं डाला जाएगा। यूरिया का 45 किलो बैग 266.50 रुपये और डीएपी का 50 किलो बैग 1,350 रुपये में ही उपलब्ध रहेगा। हालांकि, सरकार पर सब्सिडी का भार बढ़ सकता है, लेकिन किसानों को राहत जारी रहेगी।


