लोथल सिंधु घाटी सभ्यता का एक महत्वपूर्ण और विकसित नगर था, जो वर्तमान में गुजरात के अहमदाबाद जिले के पास स्थित है। इसकी खोज 1954 ईस्वी में हुई थी और यह सभ्यता के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में से एक माना जाता है।
लोथल की सबसे बड़ी विशेषता इसका बंदरगाह (Dockyard) था, जो इसे विश्व के सबसे प्राचीन बंदरगाहों में से एक बनाता है। यह दर्शाता है कि यहाँ के लोग समुद्री व्यापार में अत्यंत निपुण थे और उनका संपर्क दूर-दराज के देशों, जैसे मेसोपोटामिया से भी था।
यह नगर भी अन्य सिंधु सभ्यता के शहरों की तरह सुव्यवस्थित था। यहाँ सड़कों का निर्माण ग्रिड प्रणाली पर किया गया था और जल निकासी की उत्कृष्ट व्यवस्था थी। घर पक्की ईंटों से बने होते थे और नगर योजना अत्यंत उन्नत थी।
लोथल से खुदाई में कई महत्वपूर्ण वस्तुएँ मिली हैं, जैसे—मिट्टी के बर्तन, आभूषण, तौल-माप के उपकरण और मुहरें (seals)। यहाँ से मनकों (beads) के निर्माण के प्रमाण भी मिले हैं, जिससे पता चलता है कि यह शिल्पकला का प्रमुख केंद्र था।