सिंधु नदी एशिया की प्रमुख और ऐतिहासिक नदियों में से एक है, जिसका भारतीय इतिहास और सभ्यता के विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इसी नदी के किनारे प्राचीन सिंधु घाटी सभ्यता का विकास हुआ, जो विश्व की सबसे प्राचीन सभ्यताओं में से एक मानी जाती है।
सिंधु नदी का उद्गम तिब्बत (चीन) के मानसरोवर झील के पास से होता है। वहाँ से यह नदी लद्दाख (भारत) से होकर पाकिस्तान में प्रवेश करती है और अंततः अरब सागर में गिरती है। इसकी कुल लंबाई लगभग 3180 किलोमीटर है।
इस नदी की प्रमुख सहायक नदियाँ हैं—झेलम, चिनाब, रावी, ब्यास और सतलुज। इन नदियों के कारण यह क्षेत्र अत्यंत उपजाऊ बनता है, जिससे कृषि का विकास होता है।
सिंधु नदी का नाम ही “भारत” (India) और “हिंदुस्तान” जैसे शब्दों की उत्पत्ति का आधार है। प्राचीन काल में इस नदी को “सिंधु” कहा जाता था, जिसे फारसी लोग “हिंदू” और यूनानी “इंडस” कहते थे, जिससे “India” नाम बना।