ग्रिड प्रणाली (Grid System) नगर नियोजन (city planning) की एक उन्नत पद्धति है, जिसमें सड़कों और गलियों को एक-दूसरे के समकोण (90°) पर इस प्रकार बनाया जाता है कि पूरा शहर चौकोर या आयताकार खंडों (blocks) में बँट जाता है।
यह प्रणाली विशेष रूप से सिंधु घाटी सभ्यता के नगरों—जैसे हड़प्पा, मोहनजोदड़ो और कालीबंगा—में देखने को मिलती है, जो उस समय की उन्नत नगर योजना को दर्शाती है।
ग्रिड प्रणाली की मुख्य विशेषताएँ इस प्रकार हैं—
- सड़कों का निर्माण सीधी रेखाओं में होता है
- मुख्य सड़कें और गलियाँ एक-दूसरे को समकोण पर काटती हैं
- शहर को छोटे-छोटे भागों (blocks) में बाँटा जाता है
- जल निकासी (drainage) की व्यवस्था सड़कों के साथ-साथ होती है
इस प्रणाली का सबसे बड़ा लाभ यह है कि शहर व्यवस्थित और साफ-सुथरा रहता है। यातायात (traffic) आसान होता है और घरों तथा इमारतों का निर्माण भी योजनाबद्ध तरीके से किया जा सकता है।
आज भी आधुनिक शहरों के निर्माण में ग्रिड प्रणाली का उपयोग किया जाता है, क्योंकि यह वैज्ञानिक और सुविधाजनक है।