महात्मा गांधी (पूरा नाम: मोहनदास करमचंद गांधी) भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी और राष्ट्रपिता के रूप में जाने जाते हैं। उनका जन्म 2 अक्टूबर 1869 को पोरबंदर में हुआ था। उन्होंने भारत की आज़ादी के आंदोलन में अहिंसा (Non-violence) और सत्याग्रह (Satyagraha) के सिद्धांतों के माध्यम से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
गांधीजी ने अपनी पढ़ाई इंग्लैंड में की और बाद में दक्षिण अफ्रीका में वकालत करते हुए पहली बार सत्याग्रह का प्रयोग किया। वहाँ उन्होंने भारतीयों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया और अहिंसा के मार्ग को अपनाया। भारत लौटने के बाद उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन का नेतृत्व किया और देशभर में लोगों को अंग्रेजों के खिलाफ संगठित किया।
उनके नेतृत्व में कई महत्वपूर्ण आंदोलन हुए, जैसे—असहयोग आंदोलन (1920), नमक सत्याग्रह (1930) और भारत छोड़ो आंदोलन। गांधीजी ने हमेशा सत्य, अहिंसा, सादगी और आत्मनिर्भरता (स्वदेशी) पर जोर दिया।
गांधीजी का मानना था कि हिंसा से कभी स्थायी समाधान नहीं मिलता, इसलिए उन्होंने शांतिपूर्ण तरीकों से अंग्रेजों का विरोध किया। उनके विचारों ने न केवल भारत, बल्कि पूरे विश्व को प्रभावित किया।
30 जनवरी 1948 को उनकी हत्या कर दी गई, लेकिन उनके विचार और सिद्धांत आज भी जीवित हैं।