ब्रिटिश शासन (British Rule in India) भारतीय इतिहास का वह काल है, जब ब्रिटेन ने भारत पर लगभग 200 वर्षों (1757–1947) तक शासन किया। इसकी शुरुआत प्लासी का युद्ध के बाद हुई, जब ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत में अपना राजनीतिक नियंत्रण स्थापित करना शुरू किया।
शुरुआत में ईस्ट इंडिया कंपनी केवल व्यापार करती थी, लेकिन धीरे-धीरे उसने अपनी सैन्य शक्ति और कूटनीति के माध्यम से भारत के बड़े हिस्सों पर कब्जा कर लिया। 1764 के बक्सर के युद्ध के बाद कंपनी को बंगाल, बिहार और उड़ीसा की दीवानी (राजस्व वसूली का अधिकार) मिल गई, जिससे उसका शासन और मजबूत हो गया।
ब्रिटिश शासन के दौरान भारत में कई महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए। अंग्रेजों ने रेलवे, टेलीग्राफ, डाक व्यवस्था और आधुनिक शिक्षा प्रणाली की शुरुआत की। लेकिन इसके साथ ही उन्होंने भारतीय उद्योगों को कमजोर किया और देश के संसाधनों का शोषण किया, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा।
1857 में 1857 का विद्रोह हुआ, जिसे पहला स्वतंत्रता संग्राम माना जाता है। इसके बाद 1858 में ब्रिटिश सरकार ने ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन समाप्त कर भारत को सीधे अपने नियंत्रण में ले लिया। इसे “ब्रिटिश राज” कहा जाता है।
इस काल में भारतीय जनता में स्वतंत्रता की भावना जागृत हुई और राष्ट्रीय आंदोलन तेज हुआ। महात्मा गांधी के नेतृत्व में अहिंसा और सत्याग्रह के माध्यम से संघर्ष किया गया। इसके अलावा भगत सिंह और सुभाष चंद्र बोस जैसे क्रांतिकारियों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अंततः 15 अगस्त 1947 को भारत स्वतंत्र हुआ और ब्रिटिश शासन का अंत हो गया।