मध्यकालीन भारत (Medieval India) भारतीय इतिहास का वह काल है, जो लगभग 8वीं शताब्दी से 18वीं शताब्दी तक फैला हुआ है। इस काल में भारत में कई महत्वपूर्ण राजनीतिक, सांस्कृतिक और धार्मिक परिवर्तन हुए। इसे मुख्यतः दो भागों में बाँटा जाता है—दिल्ली सल्तनत काल और मुगल काल।
मध्यकालीन भारत की शुरुआत दिल्ली सल्तनत से मानी जाती है, जिसकी स्थापना कुतुबुद्दीन ऐबक ने 1206 ई. में की थी। इस काल में कई वंशों—ममलूक, खिलजी, तुगलक, सैय्यद और लोदी वंश—ने शासन किया। इस समय भारत में नई प्रशासनिक व्यवस्थाएँ, स्थापत्य कला और सांस्कृतिक प्रभाव विकसित हुए। कुतुब मीनार इसी काल की प्रमुख स्थापत्य उपलब्धि है।
इसके बाद 1526 ई. में बाबर ने पानीपत का प्रथम युद्ध में विजय प्राप्त कर मुगल साम्राज्य की स्थापना की। मुगल काल में अकबर, जहाँगीर, शाहजहाँ और औरंगज़ेब जैसे शासकों ने शासन किया। अकबर ने धार्मिक सहिष्णुता और प्रशासनिक सुधारों को बढ़ावा दिया, जबकि शाहजहाँ ने ताजमहल जैसी विश्व प्रसिद्ध इमारत का निर्माण कराया।
मध्यकालीन भारत में भक्ति आंदोलन और सूफी आंदोलन का भी विकास हुआ, जिसने समाज में धार्मिक सहिष्णुता, प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया। इस काल में हिंदी, उर्दू और फारसी भाषाओं का भी विकास हुआ तथा साहित्य, संगीत और कला में नई ऊँचाइयाँ प्राप्त हुईं।
संक्षेप में, मध्यकालीन भारत परिवर्तन और समन्वय का काल था, जिसमें विभिन्न संस्कृतियों और परंपराओं का मेल हुआ और भारतीय समाज को एक नई दिशा मिली।