OBC Reservation News : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ओबीसी समाज ने एक बार फिर अपने अधिकारों के लिए मजबूत आवाज़ बुलंद की। भेल दशहरा मैदान में रविवार को ओबीसी-एससी-एसटी संयुक्त मोर्चा द्वारा आयोजित विशाल आम सभा में राजनीतिक रणनीतिकार डॉ. अतुल मलिकराम ने शिरकत करते हुए प्रदेश सरकार से ओबीसी वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण को शीघ्र बहाल करने की स्पष्ट मांग की। इस जनसभा में प्रदेशभर से 70 से अधिक सामाजिक संगठनों की भागीदारी दर्ज की गई।
वर्षों से अधर में लटका है ओबीसी का संवैधानिक अधिकार
सभा को संबोधित करते हुए डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा कि ओबीसी समाज को संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों से वर्षों से वंचित रखा जा रहा है, जो सामाजिक न्याय की भावना के बिल्कुल विपरीत है। उन्होंने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ भर्ती प्रक्रियाओं में 27 प्रतिशत आरक्षण दिखाया जाता है, वहीं दूसरी तरफ 13 प्रतिशत पदों को होल्ड पर डालकर ओबीसी समाज के साथ अन्याय किया जा रहा है।
“27% आरक्षण राजनीतिक एजेंडा नहीं, संवैधानिक अधिकार है”
डॉ. अतुल मलिकराम ने अपने संबोधन में दो टूक कहा—
“27 प्रतिशत आरक्षण कोई राजनीतिक एजेंडा या कृपा नहीं है, बल्कि यह हमारा संवैधानिक हक और अधिकार है। हम किसी का अधिकार नहीं छीन रहे हैं, बल्कि अपने अधिकार की वैधानिक मांग कर रहे हैं। जब तक ओबीसी को उसका पूरा हक नहीं मिलेगा, तब तक सामाजिक समानता अधूरी रहेगी।”
निजी क्षेत्र में भी आरक्षण की मांग
डॉ. मलिकराम ने केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित न रहते हुए निजी क्षेत्र में भी एससी-एसटी-ओबीसी को जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण दिए जाने की वकालत की। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र को आरक्षण के दायरे में लाए बिना सामाजिक न्याय की संकल्पना अधूरी ही रहेगी।
प्रदेश की राजनीति में बढ़ता प्रभाव
गौरतलब है कि डॉ. अतुल मलिकराम वर्तमान में केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल की पार्टी अपना दल (एस) की मध्य प्रदेश इकाई में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वे पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं मध्य प्रदेश प्रभारी आर. बी. सिंह पटेल के साथ मिलकर संगठन विस्तार और आगामी चुनावों की रणनीतिक तैयारियों में जुटे हुए हैं। सामाजिक न्याय और ओबीसी अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर उनकी सक्रियता को मध्य प्रदेश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण हस्तक्षेप के रूप में देखा जा रहा है।