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भारत की प्रमुख पर्वत श्रेणियाँ – नाम, विशेषताएँ और महत्व

भारत की प्रमुख पर्वत श्रेणियाँ

भारत भौगोलिक दृष्टि से विविधताओं से परिपूर्ण देश है। यहाँ पर्वत, पठार, मैदान और तटीय क्षेत्र समान रूप से पाए जाते हैं। भारत के भौतिक भूगोल में पर्वत श्रेणियों का विशेष महत्व है, क्योंकि ये देश की जलवायु को नियंत्रित करने, नदियों के उद्गम तथा जैव विविधता के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। शैक्षणिक एवं प्रतियोगी परीक्षा दृष्टि से भारत में 7 प्रमुख पर्वत श्रेणियाँ मानी जाती हैं।

हिमालय पर्वत श्रेणी

हिमालय भारत की सबसे विशाल और ऊँची पर्वत श्रेणी है, जो देश के उत्तर में पश्चिम से पूर्व तक फैली हुई है। यह पर्वत श्रेणी भारत को मध्य एशिया की ठंडी हवाओं से बचाती है और मानसूनी पवनों को रोककर देश में पर्याप्त वर्षा कराती है। गंगा, यमुना और ब्रह्मपुत्र जैसी प्रमुख नदियों का उद्गम हिमालय से ही होता है, जिससे इसका जलवायु और जल संसाधनों की दृष्टि से अत्यंत महत्व है।

अरावली पर्वत श्रेणी

अरावली पर्वत श्रेणी भारत की सबसे प्राचीन पर्वत श्रेणियों में से एक है, जो गुजरात से राजस्थान होते हुए हरियाणा तक फैली हुई है। लंबे समय तक हुए अपरदन के कारण इसकी ऊँचाई कम हो गई है, फिर भी इसका भौगोलिक महत्व बना हुआ है। यह पर्वत श्रेणी थार मरुस्थल के विस्तार को रोकने में सहायक है तथा इसका सर्वोच्च शिखर गुरु शिखर (माउंट आबू) है।

विंध्य पर्वत श्रेणी

विंध्य पर्वत श्रेणी मध्य भारत में स्थित है और उत्तर तथा दक्षिण भारत के बीच एक प्राकृतिक विभाजन रेखा का कार्य करती है। यह पर्वत श्रेणी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसके दक्षिण में बहने वाली नर्मदा नदी इस क्षेत्र की प्रमुख जीवनरेखा है।

सतपुड़ा पर्वत श्रेणी

सतपुड़ा पर्वत श्रेणी विंध्य पर्वत के दक्षिण में स्थित है और मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र तथा छत्तीसगढ़ तक फैली हुई है। यह पर्वत श्रेणी घने वनों, खनिज संसाधनों और जनजातीय संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है। इसका सर्वोच्च शिखर धूपगढ़ है, जो भूगोल के अध्ययन में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

पश्चिमी घाट

पश्चिमी घाट भारत के पश्चिमी तट के समानांतर फैली पर्वत श्रेणी है, जो गुजरात से केरल तक विस्तृत है। यह क्षेत्र अत्यधिक वर्षा प्राप्त करता है और जैव विविधता की दृष्टि से विश्व के प्रमुख हॉटस्पॉट्स में शामिल है। पश्चिमी घाट भारत के जलवायु संतुलन और पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

पूर्वी घाट

पूर्वी घाट भारत के पूर्वी तट के समानांतर स्थित पर्वत श्रेणी है, जो पश्चिमी घाट की तुलना में कम ऊँची और अधिक विखंडित है। महानदी, गोदावरी, कृष्णा और कावेरी जैसी नदियाँ इन पर्वतों को काटती हुई बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं, जिससे यह क्षेत्र कृषि के लिए उपयुक्त बनता है।

नीलगिरि पर्वत श्रेणी

नीलगिरि पर्वत श्रेणी पश्चिमी और पूर्वी घाटों के संगम स्थल पर स्थित है और दक्षिण भारत की एक महत्वपूर्ण पर्वत श्रेणी मानी जाती है। इसका सर्वोच्च शिखर डोडाबेट्टा है। यह क्षेत्र चाय, कॉफी उत्पादन और पर्यटन के लिए प्रसिद्ध है तथा शैक्षणिक दृष्टि से दक्षिण भारत के भूगोल को समझने में सहायक है।